अंगुली-पुराण


(आपने शायद भारत ब्रिगेड पर यह सटायर  देखा होगा …. न देखा हो तो कोई हर्ज़ नहीं उस अधूरे आलेख को पूरा कर आदर-सहित पेश कर रहा हूं यहां….)
अंगुली करने में हम भारत वालों की कोई तोड़ नहीं है ।हमें हर मामले में उंगली करनें मेंमहारत हासिल है …..!
गोया कृष्ण जीं ने गोवर्धन पर्वत को अंगुली पे क्या उठाया हमने उनकी तर्ज़ पर हर चीज़ को अंगुली पे उठाना चालू कर दिया है । मेरे बारे मे आप कम ही जानते हैं …! किन्तु जब अंगुली करने की बात हो तो आप सबसे पहले आगे आ जायेंगें कोई पूछे तो झट आप फ़रमाएंगे “बस मौज ले रहा था ?” अंगुली करने की वृत्ति पर अनुसंधान करना और ब्रह्म की खोज करना दोनों ही मामलों में बस एक ही आवाज़ गूंजती है “नयाति -नयाति” अर्थात “नेति-नेति” सो अब जान लीजियेजिसे जो भी सीखना है सीख सकता है बड़ी आसानी से …! जानते हैं कैसे ? अरे भाई केवल अंगुली कर कर के !! मुझ जैसे लोग जो कम्प्यूटर को कम भी न जानते थे बस अंगुली कर कर के कम्प्यूटर-कर्म सीख गया देखिये मेरी अंगुली को आज तक कुछ भी नहीं हुआ …! ये अलहदा बात है कि कम्प्यूटर ज़रूर थोड़ा खराब हुआ । इससे आप को क्या शिक्षा मिली ……? यही कि “चाहे जहाँ ,जितनी भी अंगुली करो अंगुली का बाल भी बांका नहीं होगा । इतिहास गवाह है कृष्ण जीं की अंगुली याद करिये !
इंद्र की बोलती बंद कर दी योगेश्वर ने उनकी अंगुली का कुछ भी न हुआ. होता भी कैसे प्रभु ने अंगुली बनाते वक़्त उसके अनुप्रयोग के बाद किसी भी विपरीत प्रभाव के न पड़ने का अभय दान सिर्फ अँगुलियों को ही दिया था. आज देखिये कितने लोग सिर्फ अंगुली उठा कर जीवन यापन कर रहें  हैं – अब खबरिया/जबरिया टी वी चैनल्स को ही देखिये अंगुली दिखा दिखा के उठा आपकी हालत खराब करना इनकी ड्यूटी है आप इनकी अंगुली पे अंगुली नहीं उठा सकते . यदि आप यह करना भी चाहें तो………संभव नहीं है कि आप कुछ कर पायेंगें


अब अन्ना को का पड़ी थी बिल में अंगुली डालने की बताओ भला अन्ना ने अब जब अंगुली से बिल अपने मन का घुसने लायक बना लिया तो मोदी भाई साब के बारे में जो  चार अंगुली उठा के  कहा उसे सुन कर कपिल मुनि की एक जबरदस्त अंगुली उठना  ज़ायज़ है कि नहीं… आप ही बताओ मोदी भाई सा’ब का जिकर किया काहे तो सिब्बल जी कि अंगुली उठ गई….
किरकिटिया अंगुली उठाव में आए बदलाव से शक़ूर राणा और बक़नर  टाइप-के एम्पायरों की  अंगुली के महत्व में ज़रा कमी आई है.  रीव्यू ने खेल का इतिहास भूगोल सब बदल दिया. एल बी ड्ब्ल्यू की भारी भरकम अपील को  इस बदलाव से बक़नर सहित पाकिस्तानी पुराने एम्पायर्स को भारी कुंठा हो रही है. उन दिनों शकूर भाई साब को हर खिलाड़ी अंगुली उठाने पर अंगुली दिखा देता था . पर शकूर भाई जान भी कोई कुम्हड़े का फ़ूल न थे जो अंगुली देख के डर के हट जाते अड़े रहे. मुल्क की आन बान शान किरकिट के मामले में उनकी अंगुली पे और बाक़ी दायित्व  पाकिस्तान के  सियासी लोगों पर था (है भी) गाहे बगाहे “कश्मीर के मामले ” में अंगुली करते रहते हैं.ये लोग करें भी तो क्या ? इनको भी तो आई एस आई अंगुली करती है. अब उनका ख्याल तो रखना ही पड़ेगा वरना  राज पाठ….वाला मामला किसी भी समय खटाई में पड़ सकता है
बाबा भीमराव जी आज़ तक संविधान की किताब हाथ में लिये चौराहे चौराहे समझा रहे हैं कि भाई संविधान की ताक़त जानो. इसमें तुम्हारे हर अधिकार हैं कर्तव्य है गारंटी है लोग मानते ही नहीं कितनी बार बताया भीमराव जी ने किसी को समझ नही आता…. पहले आता था समझ में अब सब के सब रीव्यू मांग रहे हैं. हमारी भी कोई नही सुनता न ये न वो न आप… अरे भाई किरकिट में रीव्यू चलता है आप भारतीय हो आईने के सामने खड़े हो खुद का प्री-व्यू देख लो आईने में फ़िर मांगना “संविधान का री-व्यू”…. पर क्या करें बाबा की अंगुली की ताक़त का असर जाता रहा गोया
खैर चुनाव के समय इस अंगुली का “भटीली-स्याही” से आयोग  श्रृंगार किया करता है तब जब भारतीय वोट नुमा जनता की अंगुली “सौभाग्यवति” होती है हां..तब जब  इसी अंगुली के सहारे सच झूट ठूंसा जाता है..भाषणों के साथ  हमारे-आपके दिमागों में और एक समय आता है कि कुछ अंगुलियां गिनती करके सदन के अंदर या बाहर का रास्ता बतातीं हैं. ….. बहरहाल अंगुली का इस्तेमाल करो खूब जम के करो कोई गलत नहीं है पर ज़रा देख समझ के  कहीं ग़लत जगह चली गई तो अंगुली को खामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है ….फ़िर मत कहना -“बताना तो था !!”
वरना बाबा  बाल ठाकरे ने क्या कहा था भारत के रत्न को की बाट जोहते सचिन भैया को

सारे फोटो गूगल से मिले किसी को कोई आपत्ती हो बताएं जी
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One comment

  1. मेरा आग्रह है कि अंगुली या अुंगली पुराण को अभी कुछ समय और जारी रखा जा सकता है। अब तो इसमें रस आने लगा है…

    आगामी कडि़यों के इंतजार में…

    फोटो ने तो आपके व्‍यंग्‍य को और भी अधिक धारदार बना दिया है… बेहतरीन ब्‍लॉग लेखन…

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